ads

हॉलीडे लेने वाले एम्प्लॉईज के लिए जरूरी हैं ये बातें

फेस्टिव सीजन के साथ होलीडे सीजन प्लान को लेकर भी कंपनीज में काम करने वाले एम्प्लॉई तैयारियों में जुट गए है। ट्यूर आपरेटर के यहां इंक्वायरीज की संख्या बीते दो माह में 40 फीसदी की दर से बढ़ी है। इनमें कॉरपोरेट वर्ल्ड में काम करने वाले लोगों की संख्या सर्वाधिक है। एम्प्लॉई को होलीडे प्लान टीम लीडर या बॉस के लिए परेशानी लेकर आता है क्योंकि फेस्टिव सीजन में ही कंपनियों में वर्क प्रेशर सबसे अधिक रहता है। लीव को लेकर अक्सर बॉस और एम्प्लॉई के बीच तनातनी हो जाती है, लेकिन यदि टीम लीडर एक अच्छा मैनेजर हो तो इस परेशानी को अच्छे से हल किया जा सकता है।

पश्चिम बंगाल ज्वॉइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन के लिए आवेदन आज से शुरू, जानिए पूरा प्रोसेस

रजनीकांत स्टाइल में बनाता है डोसा, बिजली की तरह चलते है हाथ, देखें मजेदार वीडियो

सही प्लानिंग की जरूरत
टीम लीडर के लिए जरूरी है कि वह सभी एम्प्लॉई को मैसेज दे दे कि लंबी लीव के लिए एक माह पूर्व अप्लाई करें। इसके बाद टीम लीडर लीव एप्लीकेशन को लीव पीरियड के अनुसार कैटेगराइज करें, ताकि यह क्लीयर हो कि किस डिपार्टमेंट के कितने एम्प्लॉई नहीं आएंगे। डिपार्टमेंट की जरूरत के अनुसार लिस्ट बनाएं या प्लानिंग करें। मार्केटिंग, सेल्स व एडवरटाइजिंग से सबंधित एम्प्लॉई को टॉप पर रखकर प्लानिंग करें।

इंसेटिव भी ऑफर करें
इन दिनों कई अमरीकन कंपनियां होलीडे पर जाने वाले एम्प्लॉई को अलग-अलग इंसेटिव देती है। दरअसल ये इंसेटिव इसलिए होते हैं कि एम्प्लॉई ने हॉलीडे के दौरान भी एक फिक्स्ड टाइम कंपनी का काम किया। इन इंसेटिव एक्सट्रा सैलरी के साथ एम्प्लॉई के होलीडे पैकेज का खर्च कंपनी के द्वारा वहन करना सम्मिलित होता है। वहीं कुछ कंपनियां ऐसे एम्प्लॉई को एक्सट्रा लीव भी ऑफर कर रही है।

टीम कनेक्ट रखें ध्यान
हॉलीडे प्लान कर रहे एम्प्लॉई ऑफिस के साथ कनेक्टिविटी में रहे यह सबसे आवश्यक है। ऐसे एम्प्लॉई के लिए एक सैशन प्लान करें और उन्हें बताएं कि होलीडे के दौरान किस वक्त उन्हें ऑफिस के लिए थोड़ा टाइम निकालना है। विभिन्न सोशल कनेक्टिविटी या ऑफिस यूज्ड वाली एप्स को अपडेट करने की भी उन्हें जानकारी दें। इसके अलावा जो एम्प्लॉई जिस क्लाइंट से डील करता है उसकी पूरी इंफॉर्मेशन ऑफिस में उपलब्ध यह भी सुनिश्चित करें, ताकि संबंधित एम्प्लॉई की अनुपस्थिति में वर्क ऑपरेशंस सामान्य रूप से चलते रहें।

टास्क-वर्कशीट को करें रीचैक
किसी भी एम्प्लॉई की लीव एप्लीकेशन को अपू्रव करने से पूर्व उसके दिए गए टास्क या टारगेट की प्रोग्रेस रिपोर्ट जरूर चैक करें। यदि एम्प्लॉई टारगेट पूरे नहीं करता तो आप उसका लीव का पीरियड कम करने के लिए भी कह सकते है। वहीं टारगेट पूरा कर चुके एम्प्लॉई और टारगेट से दूर एम्प्लॉई को भी साथ में कनवर्सेशन और एक-दूसरे की मदद के लिए कहा जा सकता है। यह अच्छा तरीका होगा।



Source हॉलीडे लेने वाले एम्प्लॉईज के लिए जरूरी हैं ये बातें
https://ift.tt/3pLLlZg

Post a Comment

0 Comments